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जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर ने रचा वित्तीय इतिहास, CEO अपेक्षा व्यास के नेतृत्व में लगातार दो साल 216-216 करोड़ का सकल लाभ

किसानों को 11,583 करोड़ रुपये का भुगतान, कृषि ऋण वितरण लक्ष्य से 102.10% आगे | माइक्रो एटीएम, CSC और जन औषधि केंद्रों से ग्रामीण सेवाओं का विस्तार

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रायपुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, रायपुर ने वित्तीय प्रबंधन, किसान कल्याण और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं। बैंक की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रीमती अपेक्षा व्यास के कार्यकाल में लगातार दो वित्तीय वर्षों तक 216-216 करोड़ रुपये का सकल लाभ अर्जित किया गया। वहीं, धान खरीदी वर्ष 2025-26 के दौरान समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों को कुल 11,583 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

बैंक की उपलब्धियां केवल वित्तीय लाभ तक सीमित नहीं रहीं। कृषि ऋण वितरण में निर्धारित लक्ष्य से आगे निकलने, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध कराने, कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सेवाएं देने और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र शुरू करने जैसे कदमों से बैंक की भूमिका का विस्तार हुआ है।

प्रशासनिक व्यवस्था के तहत CEO श्रीमती अपेक्षा व्यास का स्थानांतरण छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, मुख्यालय नवा रायपुर में किया गया है। उनके स्थानांतरण के बीच जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर में उनके कार्यकाल के दौरान दर्ज उपलब्धियां चर्चा में हैं। बैंक के प्रस्तुत आंकड़े वित्तीय अनुशासन, किसान हितैषी योजनाओं और ग्रामीण सेवाओं के विस्तार की तस्वीर पेश करते हैं।

लगातार दो वित्तीय वर्षों में 216-216 करोड़ रुपये का सकल लाभ

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर ने वित्तीय प्रदर्शन के मामले में उल्लेखनीय परिणाम दर्ज किए हैं। बैंक के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 216 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी 216 करोड़ रुपये का सकल लाभ अर्जित किया गया। लगातार दो वर्षों तक इस स्तर का सकल लाभ हासिल करना बैंक की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है।

31 मार्च 2026 की स्थिति में बैंक की कार्यशील पूंजी 8,600 करोड़ रुपये से अधिक रही, जबकि कुल जमा अमानतों का आंकड़ा 6,971 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया। ये आंकड़े बैंक की वित्तीय गतिविधियों के बड़े पैमाने और सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाते हैं।

कार्यशील पूंजी, जमा अमानतें और लाभ किसी भी बैंक की वित्तीय स्थिति को समझने के महत्वपूर्ण संकेतक होते हैं। इस लिहाज से बैंक द्वारा प्रस्तुत आंकड़े उसकी वित्तीय क्षमता और संचालन के विस्तार को रेखांकित करते हैं।

धान खरीदी में किसानों को मिला 11,583 करोड़ रुपये का भुगतान

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि और किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। धान खरीदी के दौरान किसानों को समय पर भुगतान उपलब्ध कराना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम होता है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर ने धान खरीदी वर्ष 2025-26 में अपनी समितियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर धान उपार्जन और भुगतान की प्रक्रिया में भूमिका निभाई।

बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कुल 37,36,666 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। इसके अंतर्गत किसानों को समर्थन मूल्य के रूप में 8,854 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं, कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को 2,729 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए।

इस प्रकार दोनों मदों को मिलाकर कुल 11,583 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

इतनी बड़ी राशि का भुगतान कृषि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। धान खरीदी से प्राप्त राशि किसानों की घरेलू जरूरतों, कृषि निवेश और ग्रामीण बाजारों में खरीदारी के लिए उपयोगी होती है। इस तरह सहकारी बैंकिंग व्यवस्था किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बीच वित्तीय लेन-देन की अहम कड़ी बनती है।

कृषि ऋण वितरण में लक्ष्य से आगे निकला बैंक

खेती-किसानी के लिए समय पर ऋण उपलब्ध कराना किसानों की जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। बीज, खाद, कृषि उपकरण और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था में अल्पकालीन कृषि ऋण की भूमिका रहती है।

बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर ने 2,200.16 करोड़ रुपये का खरीफ अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया। यह निर्धारित लक्ष्य का 102.10 प्रतिशत है।

पिछले वर्ष इसी अवधि में 1,723.46 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया गया था। इसके मुकाबले इस वर्ष ऋण वितरण में लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बैंक के अनुसार, यह प्रदर्शन प्रदेश में सर्वाधिक रहा।

निर्धारित लक्ष्य से अधिक ऋण वितरण से बैंक की कृषि ऋण गतिविधियों का विस्तार सामने आता है। इससे पात्र किसानों तक खेती के लिए वित्तीय सहायता पहुंचाने में सहकारी समितियों और बैंक की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहती है।

माइक्रो एटीएम से गांवों तक पहुंची डिजिटल बैंकिंग

ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए डिजिटल माध्यमों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। कई ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए बैंक शाखा तक पहुंचना समय और दूरी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध बैंकिंग सेवाएं उपयोगी साबित होती हैं।

इसी दिशा में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर ने अपने ऋणी कृषकों के लिए सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध कराई।

बैंक के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक माइक्रो एटीएम के माध्यम से 74,279 सदस्यों ने कुल 66.61 करोड़ रुपये का लेन-देन किया। बैंक ने इस उपलब्धि को प्रदेश में सर्वाधिक बताया है।

माइक्रो एटीएम जैसी सुविधाओं से ग्रामीण सदस्यों को स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने का अवसर मिलता है। इससे डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहन देने और सहकारी समितियों के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलती है।

कॉमन सर्विस सेंटर से 32 तरह की सेवाएं

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर ने सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को बैंकिंग के अलावा अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठाए हैं।

प्राथमिक सहकारी समितियों में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को 32 प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट संबंधी सेवाएं, आधार, पैन कार्ड और बिजली बिल भुगतान जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

बैंक के अनुसार, इन सेवाओं के माध्यम से कुल 257 लाख रुपये का लेन-देन दर्ज किया गया। स्थानीय स्तर पर ऐसी सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न कामों के लिए दूर-दराज के कार्यालयों या शहरों तक जाने की जरूरत कम हो सकती है।

इस पहल से प्राथमिक सहकारी समितियों की भूमिका का भी विस्तार हुआ है। वे कृषि ऋण और धान खरीदी से जुड़ी गतिविधियों के साथ ग्रामीण नागरिकों के लिए विभिन्न सेवाओं की उपलब्धता में भी योगदान दे रही हैं।

12 प्राथमिक सहकारी समितियों में शुरू हुए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र

ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती दवाइयों की उपलब्धता बढ़ाना स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र योजना के अंतर्गत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर की 12 प्राथमिक सहकारी समितियों में जन औषधि केंद्रों का संचालन शुरू किया गया है।

इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को किफायती जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने की पहल की गई है। इससे लोगों को स्थानीय स्तर पर दवाइयों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

सहकारी समितियों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी इस पहल का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि इससे समितियों की उपयोगिता पारंपरिक कृषि गतिविधियों से आगे बढ़कर ग्रामीण समुदाय की अन्य जरूरतों तक पहुंचती है।

वित्तीय मजबूती के साथ किसान कल्याण पर जोर

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर की उपलब्धियों को केवल सकल लाभ या जमा अमानतों के आंकड़ों तक सीमित नहीं किया जा सकता। बैंक द्वारा प्रस्तुत जानकारी में वित्तीय प्रदर्शन के साथ किसानों को भुगतान, कृषि ऋण वितरण, डिजिटल बैंकिंग और ग्रामीण सेवाओं के विस्तार की तस्वीर भी सामने आती है।

एक ओर बैंक ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 216-216 करोड़ रुपये का सकल लाभ अर्जित किया, वहीं दूसरी ओर धान खरीदी वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को 11,583 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

इसके अलावा, कृषि ऋण वितरण में निर्धारित लक्ष्य का 102.10 प्रतिशत हासिल करना, माइक्रो एटीएम के माध्यम से 66.61 करोड़ रुपये का लेन-देन और कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराना बैंक की बहुआयामी गतिविधियों को दर्शाता है।

इन पहलों से सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने और प्राथमिक सहकारी समितियों की सेवाओं का दायरा बढ़ाने में मदद मिली है।

अपेक्षा व्यास के कार्यकाल की उपलब्धियां चर्चा में

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अपेक्षा व्यास के कार्यकाल के दौरान बैंक ने वित्तीय प्रबंधन, कृषि ऋण वितरण, धान खरीदी भुगतान और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के क्षेत्र में ये उपलब्धियां दर्ज कीं। समिति प्रतिनिधियों और कृषक सदस्यों की ओर से भी इस अवधि में हुए विकास कार्यों की सराहना किए जाने की जानकारी दी गई है।

श्रीमती व्यास का स्थानांतरण अब छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, मुख्यालय नवा रायपुर में किया गया है। उनके स्थानांतरण के बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर में उनके कार्यकाल के दौरान सामने आए वित्तीय और प्रशासनिक परिणाम बैंक की उपलब्धियों के रूप में देखे जा रहे हैं।

बैंक की प्रस्तुत जानकारी के मुताबिक, लगातार दो वित्तीय वर्षों में सकल लाभ, किसानों को बड़े पैमाने पर भुगतान, कृषि ऋण वितरण में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं का विस्तार इसकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं।

सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई दिशा

सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था में केवल वित्तीय लेन-देन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि किसानों, प्राथमिक कृषि साख समितियों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण संस्थाएं भी हैं। ऐसे में वित्तीय मजबूती के साथ स्थानीय स्तर पर बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और सस्ती दवाइयों की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयासों का व्यापक महत्व है।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर द्वारा प्रस्तुत आंकड़े इसी बहुआयामी भूमिका को सामने रखते हैं। सकल लाभ, कृषि ऋण वितरण और धान खरीदी भुगतान के साथ माइक्रो एटीएम, कॉमन सर्विस सेंटर और जन औषधि केंद्रों का विस्तार बैंक की गतिविधियों के विभिन्न पहलुओं को दर्शाता है।

कुल मिलाकर, बैंक ने वित्तीय प्रदर्शन, किसान हित और ग्रामीण सेवाओं के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। आने वाले समय में इन सुविधाओं की निरंतरता, पारदर्शिता और ग्रामीण हितग्राहियों तक प्रभावी पहुंच बैंक की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगी।

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