स्कूल में साक्षात देवी स्वरूप! नवदुर्गा बनकर पहुंचीं बेटियां, मां सिद्धिदात्री की पूजा और कन्या पूजन ने मोहा मन

रायपुर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर देवी आराधना, आस्था और भारतीय संस्कृति की अनूठी झलक रायपुर के जैक एण्ड जिल एजुकेशनल एकेडमी में देखने को मिली। श्री दुर्गा अष्टमी और महानवमी के अवसर पर विद्यालय में सामूहिक कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान नन्हीं बेटियां मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के रूप में पहुंची तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। देवी के नौ स्वरूपों में बच्चियां और हनुमान जी के स्वरूप में शामिल एक बालक ने आयोजन को विशेष बना दिया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनके पैर धोए गए, माथे पर तिलक लगाया गया, आरती उतारी गई और श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया। इस आयोजन के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नारी शक्ति के सम्मान से जोड़ने का संदेश दिया गया।

नवदुर्गा के नौ स्वरूपों में नन्हीं बेटियां
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का विशेष महत्व है। इसी धार्मिक भावना को साकार करते हुए जैक एण्ड जिल एजुकेशनल एकेडमी में बच्चियों को नवदुर्गा के नौ स्वरूपों के रूप में वहीं, हनुमान जी के स्वरूप में शामिल एक बालक ने भी आयोजन की धार्मिक छटा को और खास बना दिया।
बच्चों के इन स्वरूपों के माध्यम से देवी उपासना की परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। विद्यालय का यह आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों को भारतीय त्योहारों की परंपरा और उनके सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराने का अवसर भी बना।
मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ कन्या पूजन
नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री ज्ञान, सिद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की प्रतीक हैं। महानवमी के अवसर पर श्रद्धालु मां की आराधना कर सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हैं।
इसी परंपरा के अनुरूप विद्यालय में मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के साथ कन्या पूजन किया गया। पूजा के दौरान कन्याओं को देवी शक्ति का स्वरूप मानकर उनका सम्मान किया गया। उनके पैर धोने, तिलक लगाने और आरती करने के बाद उन्हें भोजन कराया गया। इस दौरान श्रद्धा, सेवा और सम्मान की भावना प्रमुख रही।

सामूहिक कन्या भोज में निभाई गई भारतीय परंपरा
श्री दुर्गा अष्टमी और महानवमी पर कन्या पूजन तथा कन्या भोज की परंपरा अनेक परिवारों और धार्मिक संस्थानों में निभाई जाती है। जैक एण्ड जिल एजुकेशनल एकेडमी में भी सामूहिक कन्या भोज का आयोजन कर इस परंपरा को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाया गया।
कन्याओं को आदरपूर्वक भोजन कराना और उनका आशीर्वाद लेना इस धार्मिक आयोजन का प्रमुख हिस्सा रहा। नवदुर्गा के रूप में बच्चियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष पहचान दी। देवी स्वरूप कन्याओं के पूजन के माध्यम से नारी शक्ति के सम्मान, सेवा और श्रद्धा का संदेश दिया गया।
बच्चों को संस्कारों और संस्कृति से जोड़ने की पहल
विद्यालयों में इस तरह के आयोजन बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को समझने का अवसर देते हैं। नवरात्रि के अवसर पर नवदुर्गा के स्वरूपों को प्रस्तुत करना, पूजा-अर्चना में भाग लेना और कन्या पूजन की परंपरा को करीब से देखना बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बन सकता है।
जैक एण्ड जिल एजुकेशनल एकेडमी में आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति के मूल्यों को भी सामने रखा। नवदुर्गा के रूप में बेटियों और हनुमान जी के स्वरूप में शामिल बालक ने आयोजन को आकर्षक और भावपूर्ण बना दिया।
शरदिन्दु भूषण, ममता पाण्डेय, वैष्णवी और आर्यान्श पाण्डेय रहे शामिल
इस धार्मिक आयोजन में जैक एण्ड जिल एजुकेशन एकेडमी के फाउंडर शरदिन्दु भूषण, डायरेक्टर ममता पाण्डेय, वैष्णवी पाण्डेय और आर्यान्श पाण्डेय ने सहभागिता की। सभी ने मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के साथ कन्या पूजन की परंपरा में भाग लिया और कन्याओं को सम्मानपूर्वक भोजन कराया।
आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं के महत्व को भी रेखांकित किया गया। नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन जैसी परंपराएं बच्चों और नई पीढ़ी को धार्मिक संस्कारों, सेवा, विनम्रता और सम्मान की भावना से परिचित कराने का अवसर देती हैं।

कन्या पूजन का संदेश: नारी शक्ति का सम्मान और सेवा भाव
भारतीय धार्मिक परंपराओं में नवरात्रि शक्ति की उपासना का पर्व है। मां दुर्गा के नौ स्वरूप जीवन में साहस, करुणा, धैर्य, ज्ञान और सकारात्मकता जैसे मूल्यों की प्रेरणा देते हैं। कन्या पूजन इसी शक्ति स्वरूप के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने की परंपरा है।
जैक एण्ड जिल एजुकेशन एकेडमी के फाउंडर शरदिन्दु भूषण, डायरेक्टर ममता पाण्डेय, वैष्णवी पाण्डेय और आर्यान्श पाण्डेय की सहभागिता से संपन्न पूजा एवं कन्या पूजन ने इस धार्मिक परंपरा को सम्मानपूर्वक निभाने का संदेश दिया। इस अवसर पर मां सिद्धिदात्री से सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, शांति, सद्भाव और खुशहाली बनाए रखने की कामना की गई।