Mahadev Betting App Case: 6 हजार करोड़ के कथित सट्टा घोटाले का आरोपी सौरभ चंद्राकर रायपुर पहुंचा, कल स्पेशल कोर्ट में होगी पेशी

Raipur News: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित सट्टा घोटाले के प्रमुख आरोपी और महादेव ऑनलाइन बुक ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को CBI की टीम मंगलवार को दिल्ली से रायपुर लेकर पहुंची। उसे फ्लाइट E6 2307 से रायपुर लाया गया। अब 4 नवंबर को उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा। इस दौरान जांच एजेंसी आरोपी की कस्टडी मांग सकती है।
सौरभ चंद्राकर को हाल ही में ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। इसके बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी थी। इसी आदेश के तहत उसे रायपुर लाया गया है। महादेव सट्टा ऐप मामले में सौरभ की गिरफ्तारी और भारत वापसी को जांच के लिहाज से अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद दिल्ली लाया गया था आरोपी
सौरभ चंद्राकर लंबे समय से भारत की जांच एजेंसियों के निशाने पर था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसके आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। इसके बाद भारतीय एजेंसियों की प्रक्रिया के तहत उसे ओमान से भारत प्रत्यर्पित किया गया।
1 नवंबर को उसे भारत लाया गया था। इसके बाद CBI ने उसे रायपुर ले जाने और संबंधित मामलों में अदालत के सामने पेश करने के लिए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी।
दिल्ली की अदालत ने दी दो दिन की ट्रांजिट रिमांड
2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI की याचिका पर सुनवाई करते हुए सौरभ चंद्राकर की दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की। अदालत ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया कि आरोपी को 4 नवंबर तक रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाए।
सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने उसकी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की शर्तों को लेकर आपत्ति जताई थी। बचाव पक्ष का तर्क था कि ओमान से प्रत्यर्पण प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संबंध में हुआ है, इसलिए CBI के मामलों में उसकी हिरासत और आगे की कार्रवाई पर कानूनी सवाल उठते हैं।
वहीं, CBI ने अदालत में दलील दी कि महादेव ऐप से जुड़े CBI और ED के मामले आपस में संबंधित हैं। एजेंसी ने यह भी बताया कि रायपुर की विशेष अदालत पहले ही सौरभ चंद्राकर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है। दिल्ली की अदालत ने ट्रांजिट रिमांड की अनुमति देते हुए प्रत्यर्पण की शर्तों और मुकदमे की वैधता से जुड़े अंतिम सवालों को रायपुर की अदालत के विचार के लिए छोड़ा है।
6 हजार करोड़ रुपये के कथित सट्टा नेटवर्क का मामला
महादेव ऑनलाइन बुक ऐप मामला देश के बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े मामलों में शामिल है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगी रवि उप्पल ने अन्य लोगों के साथ मिलकर महादेव बुक ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित किया।
आरोप है कि इस नेटवर्क के माध्यम से क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों के अलावा विभिन्न आयोजनों पर ऑनलाइन दांव लगवाए जाते थे। इसके लिए पैनल और ब्रांच ऑपरेटरों का नेटवर्क तैयार किया गया था। अलग-अलग जगहों पर एजेंटों के जरिए यूजर्स को जोड़ा जाता था और सट्टेबाजी का कारोबार संचालित किया जाता था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क से होने वाली कथित अवैध कमाई को छिपाने के लिए बड़ी संख्या में बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। रकम को कई स्तरों पर ट्रांजैक्शन के जरिए घुमाया जाता था और फिर हवाला चैनलों के माध्यम से विदेश भेजने का आरोप है।
सरकारी अधिकारियों को प्रोटेक्शन मनी देने का भी आरोप
CBI की जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि सट्टेबाजी नेटवर्क को बिना किसी बाधा के संचालित करने के लिए कुछ सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी दी जाती थी।
जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन विदेश से किया जा रहा था। सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों के जरिए ट्रांसफर कर वित्तीय लेनदेन की वास्तविक जानकारी छिपाने की कोशिश की जाती थी।
इस मामले में CBI दो अलग-अलग मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वहीं, ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर अपनी अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है।
4 नवंबर को स्पेशल कोर्ट में होगी पेशी, रिमांड मांग सकती है CBI
अब इस पूरे मामले में सबसे अहम घटनाक्रम 4 नवंबर को होने वाली सुनवाई होगी। सौरभ चंद्राकर को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि CBI उससे पूछताछ के लिए अदालत से आगे की हिरासत मांग सकती है।
अदालत में प्रत्यर्पण की शर्तों, CBI मामलों में कार्रवाई के अधिकार और जांच एजेंसी की हिरासत की मांग जैसे कानूनी मुद्दे भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। बचाव पक्ष की ओर से पहले ही इस संबंध में आपत्ति उठाई जा चुकी है।
सौरभ चंद्राकर की रायपुर में पेशी से महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले की जांच में आगे की दिशा तय होने की उम्मीद है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विशेष अदालत उसकी हिरासत को लेकर क्या आदेश देती है और पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को किन तथ्यों की जानकारी मिलती है।
क्या है महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामला?
महादेव ऑनलाइन बुक ऐप कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला प्लेटफॉर्म था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इसके जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में पैनल और ब्रांच के माध्यम से सट्टेबाजी का नेटवर्क चलाया जाता था। इस मामले में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को प्रमुख आरोपी और प्रमोटर बताया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध के बाद CBI ने मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।
महत्वपूर्ण: सौरभ चंद्राकर पर लगाए गए आरोप जांच एजेंसियों के दावे हैं। मामले में अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय के निर्णय के बाद ही मानी जाएगी।

