छत्तीसगढ़ में शुरू होगा ‘राशन एटीएम’! फिंगरप्रिंट लगाते ही मिलेगा अनाज, रायपुर से पायलट प्रोजेक्ट

Ration ATM Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए ‘राशन एटीएम’ का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है। इस व्यवस्था में हितग्राही अपनीफिंगरप्रिंट की मदद से मशीन से सीधे राशन प्राप्तकर सकेंगे। सरकार की योजना फिलहाल राजधानी रायपुर से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने की है।
सरकार का उद्देश्य राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों और कालाबाजारी पर रोक लगाने के साथ ही हितग्राहियों को राशन दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत देना है। यह व्यवस्था ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में संचालित मॉडल की तर्ज पर लागू किए जाने की तैयारी है।
फिंगरप्रिंट स्कैन करते ही मिलेगा राशन
राशन एटीएम की व्यवस्था में हितग्राही को पारंपरिक तरीके से राशन दुकान संचालक पर निर्भर रहने के बजाय मशीन के जरिए राशन लेने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए मशीन परफिंगरप्रिंट स्कैनकिया जाएगा और पहचान सत्यापित होने के बाद पात्रता के अनुसार राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से राशन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ सकती है और हितग्राहियों को राशन लेने में लगने वाला समय कम हो सकता है।
कालाबाजारी रोकने पर सरकार का फोकस
राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्षसंदीप शर्माके मुताबिक, छत्तीसगढ़ में पहली बार राशन एटीएम मशीनें लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए स्थान का चयन कर प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जा चुका है।
उनके अनुसार, इस पहल का उद्देश्य राशन वितरण में होने वालीकालाबाजारी को रोकनाऔर लोगों को घंटों कतार में खड़े होकर राशन लेने की परेशानी से राहत देना है। उन्होंने इसे लोगों को अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक कदम बताया है।
रायपुर से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
सरकार पहले इस व्यवस्था कोपायलट प्रोजेक्टके तौर पर लागू करेगी। इसके लिए राजधानी रायपुर में स्थान का चयन किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस योजना को केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से लागू करने की तैयारी है। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान व्यवस्था के संचालन, तकनीकी प्रक्रिया और हितग्राहियों के अनुभव के आधार पर आगे इसका विस्तार किए जाने पर फैसला हो सकता है।
करीब 77 लाख राशन कार्डधारियों को मिल सकता है फायदा
छत्तीसगढ़ में एपीएल और बीपीएल कार्डधारियों की संख्या करीब77 लाखबताई गई है। इन हितग्राहियों को हर महीने निर्धारित दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। प्रदेश में13 हजार से ज्यादा पीडीएस दुकानेंसंचालित होने की जानकारी भी दी गई है।
ऐसे में यदि राशन एटीएम का पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है और इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जाता है, तो बड़ी संख्या में हितग्राहियों को इसका लाभ मिल सकता है।
हालांकि, पायलट प्रोजेक्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मशीनों के जरिए राशन वितरण सेकतार, वितरण में पारदर्शिता और कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर कितना प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही मशीनों की उपलब्धता, तकनीकी खराबी और दूरदराज के क्षेत्रों में इनके संचालन जैसी चुनौतियां भी महत्वपूर्ण होंगी।
