‘हमारे यहां क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं’, CM के बयान पर सियासत गरमाई, तेजस्वी और PK ने साधा निशाना
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान ने छेड़ी नई राजनीतिक बहस, तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी तक को घेरा, प्रशांत किशोर ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल; संजय झा बोले- मुख्यमंत्री की बात को संदर्भ से समझने की जरूरत।

पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक बयान जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्यमंत्री के कथित बयान ‘हमारे यहां क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं’ ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। बयान सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने इसे हाथोंहाथ लेते हुए सरकार पर हमला बोल दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने जहां मुख्यमंत्री पर तीखा कटाक्ष किया, वहीं जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने भी निशाना साधते हुए बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
दूसरी ओर, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता संजय झा मुख्यमंत्री के बचाव में उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान संगठित अपराध यानी ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के संदर्भ में था। ऐसे में अब यह मुद्दा केवल एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बिहार में अपराध, कानून-व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।
तेजस्वी यादव का तीखा हमला, मुख्यमंत्री से लेकर PM मोदी तक को घेरा
मुख्यमंत्री के बयान पर तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के जरिए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुख्यमंत्री की टिप्पणी को लेकर व्यंग्य करते हुए लिखा कि बिहार में ‘Crime’ हो सकता है, लेकिन ‘अपराध’ नहीं!
तेजस्वी ने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चयनित मुख्यमंत्री बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री पर सात हत्याओं के मामलों में आरोपी होने का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही उन्होंने मंच पर मौजूद आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ऐसे मुख्यमंत्री के साथ काम करने पर अधिकारी खुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं या अपमानित?
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस विवाद में घसीटते हुए सवाल किया कि क्या उन्होंने सम्राट चौधरी के हाथों बिहार को बर्बाद कराने की जिम्मेदारी सौंप रखी है?
तेजस्वी का यह बयान राजनीतिक रूप से काफी आक्रामक माना जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री की टिप्पणी को केवल शब्दों की चूक बताने के बजाय इसे बिहार की शासन व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जोड़कर सरकार को घेरने की कोशिश की है।
प्रशांत किशोर ने भी कसा तंज, अपराध नियंत्रण पर मांगा जवाब
बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी मुख्यमंत्री के बयान को लेकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जब नेताओं को ‘क्राइम’ और ‘अपराध’ के बीच का अंतर ही स्पष्ट नहीं है, तो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रशांत किशोर लगातार बिहार में अपराध, बेरोजगारी, पलायन और शासन व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाते रहे हैं। इस बार भी उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को आधार बनाकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
उनकी टिप्पणी का राजनीतिक संदेश साफ है कि सरकार केवल अपराध नियंत्रण के दावे करने के बजाय जनता को यह बताने की जिम्मेदारी भी निभाए कि राज्य में आम नागरिक कितने सुरक्षित हैं और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई किस स्तर पर हो रही है।
संजय झा ने संभाला मोर्चा, बोले- संगठित अपराध के संदर्भ में था बयान
विपक्ष के लगातार हमलों के बीच जेडीयू के वरिष्ठ नेता संजय झा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह बात संगठित अपराध यानी ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के संदर्भ में कही है। उनके मुताबिक, बिहार में अब किसी भी तरह का संगठित अपराध मौजूद नहीं है।
संजय झा के इस स्पष्टीकरण के जरिए सत्तापक्ष ने मुख्यमंत्री के बयान को अलग संदर्भ में समझाने की कोशिश की है। उनका तर्क है कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी को सामान्य अपराध की घटनाओं से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
हालांकि, विपक्ष इस सफाई से संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है और लगातार सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेर रहा है।
‘क्राइम’ और ‘अपराध’ के अंतर पर छिड़ी बहस, जनता के सवाल अपनी जगह
इस पूरे विवाद में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आखिर मुख्यमंत्री के बयान का वास्तविक संदर्भ क्या था और उससे सरकार बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर क्या संदेश देना चाहती थी?
सत्तापक्ष जहां इसे संगठित अपराध के संदर्भ में दिया गया बयान बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच विरोधाभास के रूप में पेश कर रहा है।
बिहार जैसे बड़े राज्य में कानून-व्यवस्था का मुद्दा हमेशा राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है। हत्या, लूट, अपहरण और अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांगता रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री की एक टिप्पणी ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का नया मौका दे दिया है।
सियासी बयानबाजी के बीच सरकार के सामने बड़ी चुनौती
सम्राट चौधरी के बयान पर शुरू हुआ विवाद अब मुख्यमंत्री की भाषा और शब्दों के चयन से आगे बढ़कर बिहार में अपराध नियंत्रण के दावों तक पहुंच गया है। तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर ने जहां इस मुद्दे को सरकार की जवाबदेही से जोड़ दिया है, वहीं संजय झा ने मुख्यमंत्री के बयान का संदर्भ स्पष्ट कर सियासी नुकसान को संभालने की कोशिश की है।
अब सवाल यह है कि क्या सरकार विपक्ष के आरोपों का जवाब आंकड़ों और ठोस कार्रवाई के जरिए देगी या यह विवाद भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित रह जाएगा? फिलहाल इतना तय है कि ‘क्राइम’ और ‘अपराध’ को लेकर शुरू हुई यह बहस बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में भी गर्माहट बनाए रख सकती है।

