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Social Media Reels Addiction रीलबाजी बनी जानलेवा,वीडियो बनाते वक्त युवक ने खुद को मारी गोली,मौके पर मौत।

Social Media Reels Addiction
Social Media Reels Addiction

दिल्ली के दल्लुपुरा इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, यहां पवन नाम के युवक ने कथित तौर पर रील बनाते हुए खुद को गोली मार ली, पुलिस के अनुसार, पवन अपने चचेरे भाई की लाइसेंसी पिस्टल लेकर VIDEO बना रहा था और इसी दौरान उसने पिस्टल में मैगजीन डालकर उसे अपने सीने पर लगा लिया, वीडियो बनाने वाले ने कहा भी,चलाना मत भाई, इतना कहते ही उसने ट्रिगर दबा दिया, जैसे ही उसने ट्रिगर दबाया, गोली सीधे उसके दिल में जा लगी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद PAWAN को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, पुलिस को 16 मार्च को अस्पताल से ही MLC की सूचना मिली, जब तक पुलिस पहुंची, पवन को बेहोशी की हालत में लाया जा चुका था, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

जिस पिस्टल से गोली चली वह पवन के चचेरे भाई हिमांशु की लाइसेंसी पिस्टल थी, घटना के वक्त हिमांशु मौके पर मौजूद था और वह पूरी घटना का वीडियो भी बना रहा था, पवन खुद ही पिस्टल में मैगजीन डाल ट्रिगर दबा दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, अस्पताल और घटनास्थल दोनों जगहों से सबूत जुटाए गए, पुलिस ने लाइसेंसी पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस और वीडियो रिकॉर्डिंग वाला मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया।

पुलिस ने इस मामले में BNC की धारा 105 और शस्त्र अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर ली है, शुरुआती जांच में इसे आत्मघाती घटना माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।

Decode: Social Media Reels Addiction, Reels की लत का दिमाग पर खतरनाक असर ।

अगर कोई चीज आपको बार-बार करने का मन करे, और उसे न करने पर बेचैनी या गुस्सा महसूस हो तो वह लत (addiction) मानी जाती है, रील्स भी अब उसी कैटेगरी में आ रही हैं, रायगढ़ के डॉ. प्रकाश चेतवानी कहते हैं कि ‘रील बनाना या देखना आज एक डिजिटल नशा बन चुका है, जैसे शराब या सिगरेट के बाद राहत महसूस होती है, वैसे ही कुछ लोगों को रील बनाने या देखने के बाद राहत महसूस होती है, टाइम के साथ साथ आपके शरीर का नुकसान होता है, कुछ लोगों को परामर्श के लिए मनोचिकित्सक के पास जाना पड़ता है।

कोई रील बना रहा है तो कोई लगातार रील देखने के लिए फोन को स्क्रॉल कर रहा है, इससे लोग मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं, कंटेंट बनाने के लिए किसी भी हद तक जाना, लाइक, व्यूज, रीच कम आना, वीडियो या रील में नेगिटिव कमेंट का आना ऐसे कई तरह के कारण हैं जो अवसाद का कारण बन रहे हैं, सोशल मीडिया के इस मकड़जाल में युवा बुरी तरह से ट्रैप हो चुके हैं, हर उम्र का व्यक्ति चाहे स्कूल का बच्चा हो, कॉलेज का स्टूडेंट, या दफ्तर जाने वाला युवा सबको रील बनाना पसंद है लेकिन बहुत से लोग वायरल होने के नाम पर ऐसे खतरे मोल ले लेते हैं, जिनकी कीमत जान से चुकानी पड़ती है।

देश में बढ़ता रीलबाजी का नशा, इसके लत में जकड़ें लोग जान की भी परवाह नहीं करते …… आइए देखते है कुछ मामले …… Haryana: नूंह में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रील बनाने का खौफनाक अंजाम, तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से छात्र की मौत। …… ! इस महिला को देखिये इसके पिता का देहांत हो गया है और ये रील रो-रो के बना रही हैं! क्या हमारी संवेदना मर चुकी हैं रिल के चक्कर में.? ……. मामला प्रतापगढ़ जंक्शन का है, जहां एक युवक अचानक काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस की छत पर चढ़ गया। ट्रेन के ऊपर से गुजर रही 25 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइनें किसी भी पल उसकी जान ले सकती थीं ….. इस महिला को देखिए, रील की सनक बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकतीं हैं ….. रील की सनक देखिए..किस तरह बिना जान की परवाह किए ट्रेन से लटककर रील बना रहा.. …. यूपी के उन्नाव जिले के कानपुर-लखनऊ हाईवे पर दो युवतियों की रील की सनक दिखाई दी. बीच हाईवे पर दोनों युवतियां नागिन डांस करते हुए नज़र आई…… गुजरात के भावनगर में रील की सनक में पार की हद! शेर के पास जाकर बनाया वीडियो, व्यक्ति को अरेस्ट कर लिया है।

रील्स और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म मनोरंजन का आसान माध्यम हैं, लेकिन इनकी अति लत बनकर जीवन को प्रभावित कर सकती है। नींद की कमी, शारीरिक दर्द, ध्यान और एकाग्रता में गिरावट, मानसिक तनाव और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याएँ धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती हैं। संतुलित उपयोग, आत्मनियंत्रण और जागरूकता से हम डिजिटल जीवन और वास्तविक जीवन के बीच संतुलन बना सकते हैं और स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ सकते हैं।

रील देखने की लत से बचने के लिए क्या करें।

  • सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल का उपयोग बंद करें।
  • भोजन और पारिवारिक समय में फोन का उपयोग न करें।
  • स्क्रीन टाइम की सीमा तय करें।
  • सप्ताह में एक दिन सोशल मीडिया से दूरी बनाएं।
  • नोटिफिकेशन बंद करें, अनावश्यक अलर्ट ध्यान भटकाते हैं।
  • योग, व्यायाम, किताब पढ़ना, खेल या नई हॉबी विकसित करें।
  • दिनचर्या बनाएं और प्राथमिकताओं को तय करें।
  • अपनों के साथ अधिक समय बिताने से डिजिटल निर्भरता कम होती है।

हाल ही में जारी इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में सोशल मीडिया की लत को लेकर बेहद चिंताजनक खुलासे किए गए हैं। सर्वे के अनुसार, रील्स और शॉर्ट्स देखने का नशा युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार बना रहा है। लगातार स्क्रॉलिंग और सोशल मीडिया पर दूसरों से तुलना करने की आदत युवाओं में एंग्जाइटी, डिप्रेशन, तनाव और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याएं पैदा कर रही है। सर्वे में यह भी बताया गया है कि यह लत केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि घर के बड़े-बुजुर्ग भी मोबाइल स्क्रीन में इस कदर खोए रहते हैं कि उन्हें अपने आसपास की गतिविधियों की खबर तक नहीं रहती।

देश में नशा मुक्ति अभियान चल रहा है, पर आज के दौर में रील्स का नशा आम हो गया है … Social Media Addiction पर क्या है आपकी राय । 

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