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Education Minister Review Meeting: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का सख्त रुख, बोले- सिर्फ ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए स्कूल न आएं शिक्षक

Education Minister Review Meetin
Education Minister Review Meetin

रायपुर। राजधानी के दीनदयाल ऑडिटोरियम में मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग की एक दिवसीय राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की। इसमें प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO), विभागीय अधिकारी और सचिव शामिल हुए।

बैठक में स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति, शैक्षणिक व्यवस्था की निगरानी और विद्यार्थियों की सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों की व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाए।

सिर्फ ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए स्कूल न आएं शिक्षक
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षक केवल ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज कराने के लिए स्कूल न आएं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें।

उन्होंने कहा कि यदि कोई शिक्षक स्कूल पहुंचने के बाद विद्यार्थियों को नहीं पढ़ा रहा है तो इसे गंभीरता से लिया जाए। अधिकारियों को स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार स्कूलों में पढ़ाई हो रही है या नहीं। मंत्री ने कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।

हर महीने होगी शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा
मंत्री ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था की निगरानी और समीक्षा के लिए हर महीने रायपुर में बैठक आयोजित की जाएगी। महीने के तीसरे सप्ताह में होने वाली इन बैठकों में स्कूलों की स्थिति, विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समीक्षा केवल जिला स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि ब्लॉक और संकुल स्तर तक स्कूलों की स्थिति पर नजर रखी जाए।

सरकारी स्कूलों में बढ़ी विद्यार्थियों की संख्या
बैठक के बाद मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस साल सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। उनके मुताबिक, यह इस बात का संकेत है कि अभिभावकों का रुझान सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

मंत्रोच्चारण का उद्देश्य संस्कार विकसित करना
स्कूलों में मंत्रोच्चारण को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य किसी तरह की टीआरपी बढ़ाना नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों में संस्कार विकसित करने के उद्देश्य से स्कूलों में मंत्रोच्चारण को अनिवार्य किया गया है।

इसके साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार स्थानीय और पारंपरिक खेलों को स्कूलों में बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है।

छात्राओं के लिए कराते प्रशिक्षण होगा अनिवार्य
मंत्री ने बताया कि छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए स्कूलों में कराते प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे, जो विद्यार्थियों को आत्मरक्षा से जुड़ा प्रशिक्षण देंगे।
इसके अलावा एनएसएस के दलों के लिए मार्च पास्ट सहित अन्य गतिविधियों को भी व्यवस्थित और अनिवार्य किए जाने की तैयारी है।

8 हजार से ज्यादा शौचालयों का होगा निर्माण
स्कूलों में छात्राओं की सुविधाओं को लेकर मंत्री ने बताया कि आने वाले समय में प्रदेश में 8 हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जर्जर और खराब स्थिति वाले स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए राज्य शासन की ओर से फंड जारी किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बेहद खराब स्थिति वाले भवनों के लिए नए भवन निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जाए। साथ ही सरकारी फंड का सही और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

5 हजार नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी
स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5 हजार नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

नए शिक्षकों की नियुक्ति से स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ने और विद्यार्थियों की पढ़ाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

शिक्षक की अनुपस्थिति में भी जारी रहेगी पढ़ाई
बैठक में स्कूलों में तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने बताया कि स्कूलों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की जा रही है। विद्यार्थियों को महीने की शुरुआत में ही पाठ्यक्रम से संबंधित डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराने की योजना है।

चैनलों और स्मार्ट क्लास के माध्यम से भी विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा, ताकि किसी शिक्षक की अनुपस्थिति की स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

स्कूलों में बेवजह यूट्यूबरों के प्रवेश पर रोक
मंत्री ने अधिकारियों को स्कूलों में अनावश्यक रूप से यूट्यूबरों और बाहरी लोगों के प्रवेश को रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बाहरी लोगों की गतिविधियां निर्धारित नियमों के अनुसार ही हों।

नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षक संघ के प्रदर्शन और TET पर भी बोले मंत्री
शिक्षक संघ की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे प्रदर्शन के मुद्दे पर भी मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रतिक्रिया दी। TET में पास करने की मांग को लेकर उन्होंने कहा कि यदि मध्य प्रदेश में संबंधित विभाग इस तरह की व्यवस्था लागू करता है, तो उसके अनुसार छत्तीसगढ़ में भी इसे लागू करने पर विचार किया जाएगा।

स्कूल और बच्चों की पढ़ाई पर रहे पूरा फोकस
समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग का पूरा फोकस स्कूलों, विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता पर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की निगरानी जिला स्तर से लेकर ब्लॉक और संकुल स्तर तक लगातार की जाए। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे सुधारों का असर कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि स्कूलों और विद्यार्थियों के स्तर पर भी दिखाई दे।

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