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उज्जैन में मंदिर हटाने पहुंचा प्रशासन, 3 दिन बाद भी नहीं हिली बजरंगबली की प्रतिमा; अब ASI की मदद

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सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर हटाने की कार्रवाई, प्रतिमा को सुरक्षित दूसरी जगह स्थापित करने में जुटा प्रशासन; प्रतिमा और जमीन के नीचे की स्थिति जानने के लिए होगी स्कैनिंग

उज्जैन:मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए हनुमान मंदिर को हटाने की कार्रवाई प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है। मंदिर का ढांचा पूरी तरह हटाए जाने के बावजूद मंदिर में स्थापित बजरंगबली की प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाने में प्रशासन को सफलता नहीं मिल पाई है। बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों से प्रतिमा को हटाने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन की कोशिश है कि प्रतिमा को बिना नुकसान पहुंचाए दूसरी जगह स्थापित किया जाए। इसके लिए कई स्तर पर प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिलने के बाद अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की मदद ली जा रही है।

प्रतिमा हटाने में क्यों आ रही परेशानी?

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बजरंगबली की प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से हटाना है। मंदिर का बाकी हिस्सा ध्वस्त किए जाने के बाद भी प्रतिमा को हटाया नहीं जा सका है। प्रशासन किसी तरह की क्षति से बचते हुए प्रतिमा को दूसरी जगह स्थापित करना चाहता है।

इसी वजह से अब विशेषज्ञों की मदद लेने का फैसला किया गया है, ताकि प्रतिमा की संरचना और उसके नीचे की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।

प्रतिमा और जमीन के नीचे होगी स्कैनिंग

प्रशासन अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की मदद ले रहा है। इसके तहत प्रतिमा और उसके नीचे के हिस्से की स्कैनिंग की जाएगी। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि प्रतिमा किस सामग्री से बनी है और उसके नीचे जमीन के भीतर की स्थिति कैसी है।

स्कैनिंग से मिलने वाली जानकारी के आधार पर विशेषज्ञ यह तय करने की कोशिश करेंगे कि प्रतिमा को किस तरह सुरक्षित तरीके से निकाला जा सकता है और दूसरी जगह स्थापित किया जा सकता है।

तीन दिन से जारी है कोशिश

मंदिर हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन की प्राथमिकता प्रतिमा को सुरक्षित रखना है। प्रतिमा को हटाने में लगातार परेशानी आने के बाद अब प्रशासन ने विशेषज्ञों की सहायता लेने का रास्ता अपनाया है।

ASI की जांच और स्कैनिंग के बाद ही प्रतिमा को हटाने की आगे की प्रक्रिया तय होने की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के बीच बजरंगबली की प्रतिमा को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित स्थान पर स्थापित किया जाए।

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