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बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आई बस्तर सामाजिक जन विकास समिति, बड़े चकवा और नारायणपाल में बांटी राहत सामग्री

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जगदलपुर/बस्तर। इंद्रावती नदी और जलाशय के उफान से बस्तर क्षेत्र में आई बाढ़ ने शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी जनजीवन को प्रभावित किया है। बाढ़ से कई परिवारों के घर और फसलें प्रभावित हुई हैं। ऐसे मुश्किल समय में सामाजिक संस्था बस्तर सामाजिक जन विकास समिति ने राहत कार्य के लिए हाथ बढ़ाते हुए जनपद पंचायत बस्तर के ग्राम बड़े चकवा और नारायणपाल के बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की।

तेतकुटी स्थित संस्था की ओर से यह राहत सामग्री संस्था के पदाधिकारियों, कर्मचारियों, मास्टर ट्रेनरों और हितग्राहियों के संयुक्त सहयोग से प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई गई।

पंचायत प्रतिनिधियों की अपील पर गांवों का किया दौरा

संस्था प्रमुख डॉ. सुशील कुमार पाण्डेय ने बताया कि बड़े चकवा के उप-सरपंच पूरन सिंह कश्यप और नारायणपाल के उप-सरपंच लक्ष्मण बघेल की जन-अपील के बाद संस्था के पदाधिकारियों ने स्वयं गांवों का दौरा कर बाढ़ से हुए नुकसान और प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया।

पंचायतों की सहमति और परिवारों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राहत सामग्री का वितरण किया गया।

खाट, कंबल और तिरपाल समेत जरूरी सामग्री बांटी

बाढ़ प्रभावित परिवारों को संस्था की ओर से खाट, गर्म कंबल, पानी के कैन, तालपत्री (तिरपाल) और चटाई वितरित की गई। वहीं, सबसे ज्यादा प्रभावित 9 परिवारों को बर्तन सेट भी उपलब्ध कराया गया।

बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें अध्ययन सामग्री और चप्पलें भी वितरित की गईं।

बच्चों की पढ़ाई के लिए संस्था उठाएगी ट्यूशन का खर्च

संस्था ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बच्चों की शिक्षा को लेकर भी विशेष पहल की घोषणा की है। संस्था के मुताबिक अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक बड़े चकवा गांव के प्रभावित बच्चों के लिए स्थानीय शिक्षित युवा के माध्यम से ट्यूशन की व्यवस्था की जाएगी। इसका पूरा खर्च संस्था द्वारा वहन किया जाएगा।

संस्था का कहना है कि आपदा के कारण परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए।

ग्रामीण युवाओं के लिए निशुल्क कौशल प्रशिक्षण केंद्र का आश्वासन

राहत कार्य के साथ संस्था ने ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी पहल करने की बात कही है। आगामी समय में गांवों में निशुल्क कौशल प्रशिक्षण केंद्र संचालित करने का आश्वासन दिया गया है।

इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए आवश्यक कौशल उपलब्ध कराना है।

बाढ़ से घर और खेती को हुआ नुकसान

बस्तर के कई इलाकों में बाढ़ के कारण लोगों के घरों के साथ-साथ खेती-किसानी को भी नुकसान पहुंचा है। ऐसे समय में विभिन्न स्तरों पर लोग प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।

बस्तर सामाजिक जन विकास समिति ने भी इस राहत अभियान के माध्यम से प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने का संदेश दिया है।

26 वर्षों से ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के बीच काम कर रही संस्था

संस्था के अनुसार बस्तर सामाजिक जन विकास समिति पिछले 26 वर्षों से बस्तर के आदिवासी और ग्रामीण समुदायों के विकास के लिए काम कर रही है। संस्था ने कहा है कि आपदा की इस घड़ी में भी वह प्रभावित समुदायों के साथ खड़ी है और जरूरत के अनुसार सहायता के प्रयास जारी रखेगी।

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