गौरतलब न्यूज

हर खबर की तह तक

cardiac arrest in children: बच्चों में अचानक कार्डियक अरेस्ट: जानिए कारण, लक्षण और इमरजेंसी में क्या करें

cardiac arrest in children
cardiac arrest in children

बच्चों में अचानक कार्डियक अरेस्ट (Sudden Cardiac Arrest) दुर्लभ है, लेकिन यह बेहद गंभीर और जानलेवा स्थिति हो सकती है। इसमें हृदय अचानक प्रभावी ढंग से रक्त पंप करना बंद कर देता है, जिससे मस्तिष्क और शरीर के दूसरे महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचना रुक जाता है। ऐसे समय में हर सेकंड बेहद महत्वपूर्ण होता है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट एक ही चीज नहीं हैं। हार्ट अटैक में हृदय तक रक्त पहुंचने में रुकावट होती है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में आमतौर पर हृदय की विद्युत गतिविधि में गंभीर गड़बड़ी के कारण उसकी पंपिंग अचानक रुक जाती है।

बच्चों में कार्डियक अरेस्ट के प्रमुख कारण
बच्चों और युवाओं में अचानक कार्डियक अरेस्ट के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें कुछ जन्मजात या आनुवंशिक हृदय संबंधी समस्याएं, हृदय की अनियमित धड़कन, कार्डियोमायोपैथी और कुछ विद्युत संबंधी विकार शामिल हैं। गंभीर चोट, डूबना या छाती पर विशेष परिस्थिति में लगी चोट भी जोखिम पैदा कर सकती है।
कुछ मामलों में संक्रमण के कारण हृदय की मांसपेशियों पर असर पड़ सकता है। इसलिए बच्चे में पहले से कोई हृदय रोग, बेहोशी या असामान्य धड़कन की शिकायत हो तो डॉक्टर से जांच कराना महत्वपूर्ण है।

किन लक्षणों को तुरंत पहचानें?कार्डियक अरेस्ट अक्सर अचानक होता है। इसके सबसे महत्वपूर्ण संकेत हैं:

  • बच्चा अचानक गिर जाए या बेहोश हो जाए।
  • आवाज देने या छूने पर प्रतिक्रिया न दे।
  • सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो या केवल हांफ रहा हो।
  • शरीर में सामान्य प्रतिक्रिया या हलचल न हो।

अचानक बेहोशी, खासकर खेलकूद के दौरान, सीने में परेशानी या दिल की धड़कन असामान्य महसूस होना भी चिकित्सकीय जांच की वजह हो सकता है।

इमरजेंसी में क्या करें?
अगर बच्चा अचानक बेहोश हो गया है और सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा है, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाएं। प्रशिक्षित व्यक्ति को तुरंत CPR शुरू करना चाहिए। जहां AED उपलब्ध हो, उसे उसके निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है।

समय पर CPR देने से कार्डियक अरेस्ट के बाद जीवित बचने की संभावना बढ़ सकती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, तत्काल CPR से जीवित बचने की संभावना दोगुनी या तीन गुनी तक हो सकती है।

बचाव के लिए क्या करें?
हर कार्डियक अरेस्ट को रोक पाना संभव नहीं है, लेकिन बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच और पहले से मौजूद हृदय संबंधी समस्याओं की पहचान महत्वपूर्ण है। अगर परिवार में कम उम्र में अचानक हृदय संबंधी मौत या आनुवंशिक हृदय रोग का इतिहास रहा है, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी जरूर दें।

स्कूलों और अभिभावकों के लिए CPR और AED की बेसिक ट्रेनिंग भी बेहद उपयोगी हो सकती है। किसी बच्चे के अचानक गिरने की स्थिति में सही समय पर सही कदम उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

सबसे जरूरी बातबच्चा अचानक बेहोश हो जाए और सामान्य सांस न ले रहा हो, तो इंतजार न करें। तुरंत इमरजेंसी मदद लें और प्रशिक्षित होने पर CPR शुरू करें। कार्डियक अरेस्ट में शुरुआती कुछ मिनट जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन सकते हैं।

यह जानकारी जागरूकता के लिए है। किसी बच्चे में बेहोशी, सांस की गंभीर समस्या, सीने में दर्द या असामान्य धड़कन जैसे लक्षण हों तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *