मसूद अजहर पर पाकिस्तान ने बढ़ाया इनाम, 50 लाख से 70 लाख रुपये किया; 26/11 के आरोपियों की रेड बुक भी अपडेट

पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर पर घोषित इनाम की राशि बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दी है। इससे पहले उस पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित था। FIA की अपडेटेड रेड बुक में 26/11 मुंबई हमलों से जुड़े कई आरोपियों के नाम भी शामिल किए गए हैं।
पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल मसूद अजहर पर घोषित इनाम की राशि बढ़ा दी है। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) की नई रेड बुक के मुताबिक, मसूद अजहर पर अब 70 लाख रुपये का इनाम है। इससे पहले यह राशि 50 लाख रुपये थी।
FIA ने मसूद अजहर को भगोड़े के तौर पर सूचीबद्ध किया है। यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है, जब पाकिस्तान पर आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
मसूद अजहर पर इनाम 20 लाख रुपये बढ़ा
FIA की नई रेड बुक में मसूद अजहर पर इनाम की राशि में 20 लाख रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पाकिस्तान लंबे समय से यह दावा करता रहा है कि मसूद अजहर उसकी सीमा में नहीं है और वह अफगानिस्तान में छिपा हुआ है।
हालांकि, भारत की सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मसूद अजहर पाकिस्तान में छिपा हो सकता है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है।
मसूद अजहर भारत के लिए लंबे समय से एक प्रमुख आतंकी आरोपी रहा है। उसका नाम भारत में हुए कई बड़े आतंकी मामलों से जुड़ा रहा है और जैश-ए-मोहम्मद को लेकर भारत लगातार पाकिस्तान से कार्रवाई की मांग करता रहा है।
पाकिस्तान का दावा- मसूद अजहर अफगानिस्तान में
पाकिस्तान ने 2021 से यह दावा किया है कि मसूद अजहर देश में मौजूद नहीं है और वह अफगानिस्तान भाग गया है। इसके बावजूद FIA की रेड बुक में उस पर इनाम घोषित किया गया था।
अब करीब पांच साल बाद इनाम की राशि बढ़ाकर 70 लाख रुपये कर दी गई है। इस कदम को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि पाकिस्तान की एजेंसियां जिन आतंकियों को अपनी मोस्ट वांटेड सूची में शामिल कर रही हैं, उनके खिलाफ जमीनी स्तर पर क्या कार्रवाई की गई है।
26/11 मुंबई हमलों से जुड़े 19 नाम भी रेड बुक में
FIA की अपडेटेड रेड बुक में 26/11 मुंबई आतंकी हमलों से जुड़े 19 लोगों के नाम भी बताए गए हैं। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जिन पर हमलावरों की मदद करने, उन्हें वित्तीय सहायता देने या समुद्री रास्ते से मुंबई पहुंचने में सहायता करने के आरोप हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से 17 लोगों की तस्वीरें और 26/11 हमले में उनकी कथित भूमिका पहले FIA की सूची में दर्ज थी। अपडेटेड सूची में कुछ विवरण हटाए जाने की भी बात सामने आई है।
तुर्बत के मोहम्मद खान का नाम सूची में बरकरार बताया गया है। उस पर हमलावरों को मुंबई ले जाने के लिए ‘अल-हुसैनी’ नाव उपलब्ध कराने का आरोप था। हालांकि, अपडेटेड रिकॉर्ड में उसकी तस्वीर और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से कथित संबंध समेत कुछ जानकारियां हटाए जाने की बात कही गई है।
इसी तरह बहावलनगर के अब्दुल रहमान से जुड़े कुछ विवरण भी अपडेटेड रिकॉर्ड से हटाए जाने की रिपोर्ट है।
26/11 से जुड़े आरोपियों के नाम
FIA की सूची में 26/11 मुंबई हमलों में कथित तौर पर मदद करने वाले जिन लोगों के नाम बताए गए हैं, उनमें शामिल हैं:
- मुहम्मद अमजद खान — मुल्तान
- शाहिद गफूर — बहावलपुर
- मोहम्मद उस्मान — साहिवाल
- अतीक-उर-रहमान — लाहौर
- रियाज़ अहमद — हाफिजाबाद
- मुहम्मद मुश्ताक — गुजरांवाला
- मुहम्मद नईम — डेरा गाजी खान
- अब्दुल शकूर — कराची
- मुहम्मद साबिर सल्फी — मुल्तान
- मुहम्मद उस्मान — लोधरान
- शकील अहमद — रहीम यार खान
हमले के लिए फंडिंग का भी आरोप
अपडेटेड सूची में उन लोगों के नाम भी बताए गए हैं, जिन पर 26/11 ऑपरेशन के लिए आर्थिक मदद देने का आरोप है।
इनमें मुहम्मद इफ्तिखार अली का नाम शामिल है, जिस पर हमलावरों और उनके हैंडलर्स के बीच बातचीत के लिए VOIP कनेक्शन स्थापित करने पर 70 हजार पाकिस्तानी रुपये खर्च करने का आरोप है।
इसके अलावा मोहम्मद जिया पर 80 हजार रुपये, मोहम्मद अब्बास नासिर पर 2,53,000 रुपये, जावेद इकबाल पर 1,86,430 रुपये, मुख्तार अहमद पर 2,98,047 रुपये और अहमद सईद पर 21 लाख रुपये देने का आरोप बताया गया है।
17 आरोपी 18 साल से फरार होने का दावा
FIA के रिकॉर्ड के मुताबिक, 26/11 मुंबई हमलों से जुड़े 17 आरोपी लंबे समय से फरार हैं। रिपोर्टों में भारतीय खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि ये लोग पाकिस्तान में ही मौजूद हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं है।
FIA की रेड बुक में पाकिस्तान के मोस्ट वांटेड आतंकियों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज होने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2021 की सूची में जहां 1,330 नाम थे, वहीं नई सूची में यह संख्या बढ़कर 1,804 हो गई है।
क्यों अहम है मसूद अजहर का मामला?
मसूद अजहर भारत के लिए लंबे समय से सबसे महत्वपूर्ण आतंकी मामलों में से एक रहा है। जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख होने के कारण उसका नाम भारत में हुए कई आतंकी हमलों से जोड़ा गया है।
ऐसे में पाकिस्तान की ओर से उस पर इनाम बढ़ाने का कदम केवल कागजी कार्रवाई है या इसके पीछे वास्तविक कार्रवाई की योजना है, यह आगे स्पष्ट होगा। खासतौर पर तब, जब पाकिस्तान की आतंकी संगठनों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार निगरानी होती रही है।
