PM आवास पर भूपेश बघेल और विजय शर्मा आमने-सामने, 80 मिनट चली खुली बहस; आंकड़ों पर जमकर तकरार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर चल रही जुबानी जंग मंगलवार को आमने-सामने की खुली बहस तक पहुंच गई। रायपुर प्रेस क्लब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने करीब 80 मिनट तक PM आवास योजना के आंकड़ों, केंद्र से मिलने वाली राशि और अपने-अपने कार्यकाल में स्वीकृत व पूर्ण हुए मकानों को लेकर दावे और सवाल रखे।
दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के दावों पर सवाल उठाए। बहस के दौरान विजय शर्मा ने आंकड़ों को लेकर भूपेश बघेल से गणना स्पष्ट करने को कहा, जबकि बघेल ने केंद्र से राशि जारी नहीं होने और पोर्टल बंद होने का मुद्दा उठाया।
भूपेश बघेल का दावा- कांग्रेस सरकार में करीब 7 लाख आवास स्वीकृत
बहस के दौरान भूपेश बघेल ने अपने सरकार के कार्यकाल के आंकड़े पेश किए। उन्होंने दावा किया कि 2018 में 3 लाख 48 हजार 960 मकान स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 1 लाख 39 हजार मकान पूरे हुए।
उन्होंने 2020-21 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान 1 लाख 97 हजार 811 मकानों का लक्ष्य था और 1 लाख 22 हजार आवास पूरे हुए। बघेल ने कहा कि कोरोना काल में सरकारों के पास पैसे की कमी थी।
बघेल ने यह भी दावा किया कि 2011 की जनगणना के आधार पर राज्य में करीब 18 लाख आवासों की जरूरत बाकी थी और उनकी सरकार ने इनमें से 6 लाख 97 हजार आवास स्वीकृत किए।
विजय शर्मा का पलटवार- PM आवास का पोर्टल बंद नहीं था
विजय शर्मा ने बघेल के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि PM आवास योजना का पोर्टल बंद नहीं था और कोरोना काल में भी राशि जारी की जा रही थी। उनका कहना था कि मुद्दा पोर्टल का नहीं, बल्कि उस समय लिए गए फैसलों का था।
शर्मा ने दावा किया कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में PM आवास के निर्माण में तेजी आई और 17 लाख 75 हजार आवास पूर्ण किए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे ज्यादा PM आवास बनाए।
डिबेट के दौरान आंकड़ों को लेकर शर्मा ने बघेल से गणना स्पष्ट करने को कहा और सही जानकारी के लिए Grok से पूछने की बात भी कही। इस बयान ने बहस के दौरान खासा ध्यान खींचा।
केंद्र से राशि को लेकर भी आमने-सामने दोनों नेता
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में केंद्र से PM आवास के लिए राशि जारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से अपना पैसा मांगा था और इस संबंध में पत्राचार भी किया गया।
वहीं विजय शर्मा ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि कोरोना के दौरान भी PM आवास के लिए राशि आ रही थी।
सरकारी आंकड़ों के संदर्भ में केंद्र के ग्रामीण विकास मंत्रालय की अगस्त 2025 की जानकारी में छत्तीसगढ़ के लिए PMAY-G के तहत 26,42,224 संचयी लक्ष्य, 23,82,101 स्वीकृत मकान और 15,10,844 पूर्ण मकान दर्ज थे। हालांकि ये आंकड़े 7 अगस्त 2025 तक के हैं और मंगलवार की बहस में पेश किए गए 2026 के आंकड़ों से अलग समयावधि को दर्शाते हैं।
सरकार की ओर से हाल में 3.65 लाख अतिरिक्त आवास का ऐलान
PM आवास को लेकर यह बहस ऐसे समय हुई है जब 11 सितंबर 2026 को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख अतिरिक्त PMAY-G आवास स्वीकृत करने की घोषणा की थी। इसी कार्यक्रम में राज्य में 2 लाख नवनिर्मित मकानों के गृह प्रवेश का भी उल्लेख किया गया था।
बहस के बाद प्रेस क्लब के बाहर भिड़े BJP-कांग्रेस कार्यकर्ता
PM आवास पर नेताओं की बहस खत्म होने के बाद रायपुर प्रेस क्लब के बाहर बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की स्थिति बन गई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
कांग्रेस नेता शैलेश त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं को प्रेस क्लब के अंदर जाने दिया गया, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोका गया। वहीं घटनाक्रम के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।
डिबेट के बाद सोशल मीडिया पर भी वार-पलटवार
खुली बहस खत्म होने के बाद दोनों दलों के बीच सोशल मीडिया पर भी बयानबाजी तेज हो गई। भूपेश बघेल ने विजय शर्मा पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पोस्ट किया, जबकि बीजेपी की ओर से दावा किया गया कि बहस में सही आंकड़ों के सामने आने के बाद भ्रम की स्थिति स्पष्ट हो गई।

इस तरह PM आवास योजना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मकानों की संख्या, स्वीकृति, निर्माण, केंद्र से राशि और पुराने आंकड़ों के सवालों के साथ राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है।
