UCC in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी में विष्णु देव सरकार, साय कैबिनेट ने ड्राफ्ट के लिए कमेटी बनाने का किया एलान ।

UCC in Chhattisgarh: छत्तसीगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के भविष्य को प्रभावित करने वाले कई निर्णय लिए गए, मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, इसके साथ ही महिलाओं, सैनिकों और पशुपालकों के हित में भी बड़े एलान किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में अब यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC-समान नागरिक संहिता) लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ लागू हैं, इससे विधिक प्रक्रिया जटिल और असामान होती है, संविधान के अनुच्छेद 44 के अनुरूप कानून को सरल, न्यायसंगत और लैंगिक समानता पर आधारित बनाने के लिए यह पहल की गई है।+

बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस संबंध में अहम निर्णय लिया गया, सरकार ने UCC का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति के गठन को मंजूरी दी है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड का अर्थ है कि देश के सभी नागरिकों के लिए शादी, तलाक, गोद लेना और संपत्ति के अधिकार जैसे निजी मामलों में एक समान कानून लागू हो, वर्तमान में भारत में ये सभी मामले अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ के आधार पर संचालित होते हैं, UCC लागू होने के बाद सभी धर्मों के लिए एक ही कानून प्रभावी होगा।
अगर छत्तीसगढ़ में UCC लागू होता है, तो हिंदू विवाह अधिनियम, मुस्लिम पर्सनल लॉ और क्रिश्चियन मैरिज एक्ट जैसे धर्म-आधारित कानूनों की जगह एक समान कानून लागू होगा, इससे महिलाओं को संपत्ति और उत्तराधिकार के मामलों में पुरुषों के बराबर अधिकार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
वर्तमान में भारत में गोवा, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में UCC लागू किया जा चुका है, अब छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है, विशेषज्ञ समिति के गठन के बाद UCC का विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा, इसके बाद इसे कैबिनेट और विधानसभा में पेश किया जा सकता है, कानून बनने के बाद ही इसे राज्य में लागू किया जाएगा।

विष्णु देव साय कैबिनेट के अहम फैसले
महिलाओं के नाम पर जमीन रजिस्ट्री कराने पर स्टाम्प शुल्क में 50% की छूट।
सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी में 25% छूट।
औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 में संशोधन, उद्योगों के लिए लोन और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।
रेत खदानों को सरकारी उपक्रमों के लिए आरक्षित करने का निर्णय, आपूर्ति संकट कम करने की कोशिश।
गौण खनिज नियम 2015 में संशोधन, अवैध खनन पर 25 हजार से 5 लाख रुपये तक जुर्माना।
दुधारू पशु प्रदाय योजना अब सभी सामाजिक वर्गों के लिए लागू।
पशुओं के टीकाकरण के लिए Indian Immunologicals Limited से सीधे वैक्सीन खरीदने की अनुमति।
मध्य प्रदेश से 10,536 करोड़ रुपये की पेंशन राशि वापसी पर सहमति, 6 किश्तों में भुगतान होगा।
खरीफ सीजन के लिए उर्वरक और LPG गैस की उपलब्धता की समीक्षा।

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में UCC कमेटी गठन के फैसले पर सवाल उठाए हैं, सरकार UCC लागू कर राज्य के आदिवासियों के अधिकारों में दखल देने की कोशिश कर रही है, छत्तीसगढ़ में पहले से PESA कानून और पांचवीं अनुसूची लागू है, ऐसे में UCC लागू करने का कोई औचित्य नहीं है। – कांग्रेस
