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केटीयू में दीक्षारंभ का द्वितीय सत्र, पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर

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रायपुर, 23 सितंबर 2026कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTU), रायपुर में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजितदीक्षारंभ कार्यक्रमके द्वितीय सत्र में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, मौजूदा चुनौतियों और युवा पत्रकारों की जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में ‘हरिभूमि’ के प्रधान संपादक एवं रणनीतिक विश्लेषक डॉ. हिमांशु द्विवेदी उपस्थित रहे।

पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना नई पीढ़ी की जिम्मेदारी

कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि पत्रकार के जीवन में उसकी आखिरी स्टोरी और उसकी भाषा महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में खबर हमेशा तथ्यात्मक, सटीक और सही होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता पर अर्थशास्त्र के सिद्धांतों का प्रभाव बढ़ रहा है, जिसके चलते पत्रकारिता अपने मूल उद्देश्यों से भटकती दिखाई दे रही है। अखबारों की भूमिका और विश्वसनीयता को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। ऐसे दौर में युवा पीढ़ी की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वह पत्रकारिता की विश्वसनीयता को बनाए रखे।

प्रो. दयाल ने विद्यार्थियों से सनसनीखेज रिपोर्टिंग से बचने और खबरों में तथ्यों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए जिम्मेदारी के साथ पत्रकारिता करनी चाहिए।

मुनाफे की होड़ में बदली पत्रकारिता की दिशा

मुख्य अतिथि डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले दो दशकों में पत्रकारिता में जितना बदलाव आया है, उतना पहले के दौर में देखने को नहीं मिला। उनके अनुसार पत्रकारिता की शुरुआत विचारों को प्रभावी बनाने और समाज के कल्याण के उद्देश्य से हुई थी, लेकिन आजादी के बाद इसके व्यावसायिक स्वरूप में बढ़ोतरी हुई।

डॉ. द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान समय में अखबारों के सामने जनहित और व्यावसायिक हित के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। उन्होंने पत्रकारिता में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बदलते माहौल का भी उल्लेख किया।

नव प्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने और लगातार आत्ममूल्यांकन करने की जरूरत है। एक प्रभावी पत्रकार बनने के लिए अध्ययनशील होना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई को अपने जीवन के अनुशासन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

खबर प्रकाशित करने से पहले सत्यता की जांच जरूरी

डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता की विश्वसनीयता को लेकर लोगों के बीच संशय बढ़ा है। ऐसे में पत्रकारों के लिए यह जरूरी है कि वे किसी भी खबर को जल्दबाजी में प्रसारित करने के बजाय पहले उसकी सत्यता की जांच करें।

उन्होंने विद्यार्थियों को पत्रकारिता में तथ्यों की पुष्टि, अध्ययन और जिम्मेदारी के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए केवल जानकारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगातार सीखते रहना भी जरूरी है।

कार्यक्रम में एमओयू पर हुआ हस्ताक्षर

कार्यक्रम की शुरुआत पत्रकारिता विभागाध्यक्ष पंकज नयन पांडेय के स्वागत भाषण से हुई। मुख्य अतिथि डॉ. हिमांशु द्विवेदी का परिचय तारिणी सोनी ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. केशव राठौर ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कार्यक्रम संयोजक डॉ. आशुतोष मांडवी ने किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, अतिथि व्याख्याता और बड़ी संख्या में नव प्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरानहरिभूमि और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के बीच मीडिया हाउस लिंकेज और आपसी सहयोग को लेकर एमओयू (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए।

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